यों तो रोज़ आती है शाम पर अक्सर बहुत कुछ दे जाती है एक शाम चंचल आँखों की ख्वाहिशें हंसते चेहरे की ख़ुशी मीठे स्पर्श का आनंद खनकती आवाज़ का माधुर्य कितनी अनमोल है एक शाम.....